फॉर्च्यूनर ने 2 बच्चों को रौंदा, एक की मौत, दूसरा वेंटिलेटर पर: परिजनों का आरोप—‘पुलिस रसूखदार को बचा रही’; 3 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अमलेश्वर थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार ने साइकिल सवार दो मासूम बच्चों को कुचल दिया, जिसमें 12 वर्षीय ताकेश्वर साहू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका 10 वर्षीय दोस्त प्रहलाद यदु गंभीर रूप से घायल है और वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। हादसे के तीन दिन बीत जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज न होने से परिजनों और स्थानीय लोगों में गुस्सा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस वाहन मालिक की ‘रसूखदारी’ के आगे झुक रही है और उसे बचाने की कोशिश कर रही है।

घटना उस समय हुई जब दोनों बच्चे अमलेश्वर क्षेत्र में अपनी दादी से मिलने जा रहे थे। एक अन्य दोस्त पहले ही निकल चुका था, जिसके कुछ मिनट बाद ताकेश्वर और प्रहलाद एक ही साइकिल पर निकले। इसी दौरान राजनांदगांव पासिंग नंबर की फॉर्च्यूनर (CG08 AW 9300) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्चे करीब दो फीट हवा में उछलकर 20 से 30 मीटर सड़क पर घिसटते चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयावह था कि साइकिल पूरी तरह चकनाचूर हो गई और बच्चों के शरीर सड़क पर दूर-दूर तक फिसलते गए।

मृत बच्चे ताकेश्वर के पिता रोहित साहू का कहना है कि हादसे की सूचना मिलते ही वे अमलेश्वर थाना पहुंचे, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उन्हें टाल दिया। उन्होंने बताया, “तीन दिन से चक्कर लगा रहा हूं, पर एफआईआर नहीं लिख रहे। पुलिस कह रही है कि मेकाहारा से रिपोर्ट आएगी तब मामला दर्ज करेंगे। इतने बड़े हादसे के बाद भी मामला दर्ज न करना साबित करता है कि आरोपी को बचाया जा रहा है।” पिता ने यह भी आरोप लगाया कि कई लोग घर आकर समझौता करने का दबाव बना रहे हैं और पैसों का लालच देकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन पिता का साफ कहना है कि वे किसी भी कीमत पर न्याय से पीछे नहीं हटेंगे।

हादसे में शामिल गाड़ी का मालिक नारायण अग्रवाल बताया जा रहा है, जो NK कंस्ट्रक्शन से जुड़े हैं। इस वजह से परिजन और स्थानीय लोग मान रहे हैं कि राजनीतिक या आर्थिक दबाव के चलते पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है। परिजनों के अनुसार, हादसे के बाद जिस कार से टक्कर लगी, उसे थाना परिसर में खड़ा किया गया, जबकि आरोपी दूसरी कार से घायल बच्चों को अस्पताल ले गया और फिर उसी कार से वापस चला गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि गाड़ी मालिक और ड्राइवर के खिलाफ अब तक कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है।

मृत बच्चे के चाचा डोमन साहू ने बताया कि हादसे के बाद पुलिस काफी देर तक मौके पर नहीं पहुंची। उन्होंने कहा, “जिस गाड़ी ने टक्कर मारी, उन्हीं लोगों ने बच्चों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन बाद में मौके से चले गए। पुलिस ने न तो घटना स्थल का मुआयना ठीक से किया, न ही हमसे संपर्क किया। चार दिनों में एक बार भी पुलिस ने घर आकर हमसे जानकारी नहीं ली। दूसरे बच्चे की हालत बेहद गंभीर है, जबकि हमारा बेटा इस दुनिया में नहीं रहा। हमें न्याय चाहिए, चाहे इसके लिए हमें सड़क पर उतरना पड़े।”

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि अगर जल्दी कार्रवाई नहीं हुई तो वे कॉलोनी के लोगों के साथ मिलकर चक्काजाम करेंगे। उनका कहना है कि बच्चे एक सामान्य परिवार से आते थे और उनके साथ हो रहे अन्याय को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही से अपराधियों के हिम्मत बढ़ रही है और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई होना जरूरी है।

वहीं दूसरी ओर, अमलेश्वर थाना प्रभारी बसंत कुमार बघेल का कहना है कि मामला संवेदनशील है और प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। उनके अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही घायल बच्चों को मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया था, जहां एक बच्चे ने दम तोड़ दिया। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और मर्ग डायरी आने के बाद FIR दर्ज की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी चालक घटनास्थल से भागा नहीं, बल्कि बच्चों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की, इसलिए गिरफ्तारी में देरी हो रही है। हालांकि थाना प्रभारी का यह बयान परिजनों और स्थानीय लोगों की नाराजगी कम करने में नाकाम रहा है, क्योंकि तीन दिनों से लगातार न्याय के लिए भटक रहे लोग पुलिस पर ‘रसूखदार’ के दबाव में काम करने का आरोप लगा रहे हैं।

बच्चों के परिवारों का कहना है कि ताकेश्वर उनके परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी मौत ने पूरे घर को तोड़कर रख दिया है। पिता रोहित साहू भावुक होकर कहते हैं, “जब तक आरोपी को सजा नहीं होगी, मेरे बेटे की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। मैं न्याय लेकर रहूंगा, चाहे कितने भी लोग दबाव डालें।”

हादसे ने सड़क सुरक्षा और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग अब न्याय की मांग तेज करने की तैयारी में हैं, ताकि दोषियों को सजा मिले और ऐसे हादसे दोबारा न हों।

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Author: THE CG NEWS

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