पाकिस्तान ने 50 साल बाद शुरू किया शराब निर्यात, आर्थिक संकट से उबरने की नई कोशिश

SHARE:

गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने करीब पांच दशक बाद एक बड़ा नीतिगत बदलाव करते हुए शराब के निर्यात को मंजूरी दी है। सरकार के इस फैसले के बाद देश की प्रमुख कंपनी मरी ब्रूअरी ने अप्रैल 2026 में ब्रिटेन, जापान, पुर्तगाल और थाईलैंड जैसे देशों को बीयर और अन्य अल्कोहलिक उत्पादों की पहली खेप भेजी है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब पाकिस्तान पर बढ़ते कर्ज और वित्तीय दबाव ने सरकार को नए राजस्व स्रोत तलाशने के लिए मजबूर कर दिया है।

आर्थिक संकट ने बदली नीति की दिशा

पाकिस्तान इस समय भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार देश पर लगभग 138 अरब डॉलर का बाहरी कर्ज है, जिसमें सरकारी और निजी दोनों तरह की देनदारियां शामिल हैं। वित्त वर्ष 2026 में सरकार की आय और खर्च के बीच बड़ा अंतर सामने आया है—जहां आय करीब 40 अरब डॉलर आंकी गई है, वहीं खर्च 58 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कुल बजट का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ कर्ज के ब्याज चुकाने में ही खर्च हो रहा है। ऐसे में सरकार नए एक्सपोर्ट सेक्टर को बढ़ावा देकर विदेशी मुद्रा अर्जित करने की दिशा में कदम उठा रही है।

मरी ब्रूअरी ने संभाली कमान

रावलपिंडी स्थित मरी ब्रूअरी देश की इकलौती प्रमुख शराब निर्माता कंपनी है, जिसने इस निर्यात की शुरुआत की है। कंपनी के एक्सपोर्ट मैनेजर के अनुसार शुरुआती चरण में अंतरराष्ट्रीय बाजार में नेटवर्क तैयार करने पर ध्यान दिया जा रहा है, जिसके बाद उत्पादन बढ़ाने की योजना है। इससे पहले कंपनी केवल नॉन-अल्कोहलिक उत्पाद जैसे पैकेज्ड जूस, मिनरल वाटर और फ्लेवर्ड ड्रिंक्स का निर्यात कर रही थी। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी की आय लगभग 100 मिलियन डॉलर रही थी, जो अब शराब निर्यात के चलते बढ़ने की उम्मीद है।

1977 में लगा था शराब पर प्रतिबंध

पाकिस्तान में शराब पर प्रतिबंध का इतिहास जुल्फिकार अली भुट्टो के शासनकाल से जुड़ा है। अप्रैल 1977 में उन्होंने देश में शराब की बिक्री पर रोक लगा दी थी। उस समय राजनीतिक दबाव और विरोध प्रदर्शनों के बीच यह फैसला लिया गया था। बाद में जुलाई 1977 में सैन्य तख्तापलट के बाद सत्ता में आए जिया उल हक ने इस कानून को और सख्त बना दिया और इसे इस्लामी कानून से जोड़ दिया। इसके तहत मुस्लिम नागरिकों के लिए शराब खरीदना और पीना पूरी तरह गैरकानूनी घोषित कर दिया गया।

हालांकि, गैर-मुस्लिम नागरिकों और विदेशी लोगों के लिए सीमित छूट दी गई थी। लाइसेंस प्राप्त दुकानों के माध्यम से उन्हें शराब उपलब्ध कराई जाती रही, जिससे एक सीमित कानूनी ढांचा बना रहा।

समय के साथ नियमों में आई ढील

समय के साथ पाकिस्तान में शराब से जुड़े कानूनों के पालन में कुछ ढील देखने को मिली, खासकर परवेज मुशर्रफ के शासनकाल (1999–2008) के दौरान। उन्होंने कानून को पूरी तरह समाप्त तो नहीं किया, लेकिन इसके लागू होने में लचीलापन लाया, जिससे शराब की उपलब्धता अपेक्षाकृत आसान हो गई।

निर्यात केवल गैर-इस्लामिक देशों तक सीमित

सरकार ने 2025 में शराब निर्यात की अनुमति देते समय स्पष्ट किया कि यह केवल उन देशों तक सीमित रहेगा जो ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन का हिस्सा नहीं हैं। इसका उद्देश्य धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए आर्थिक लाभ प्राप्त करना है। इसी नीति के तहत ब्रिटेन, जापान और अन्य देशों में सप्लाई शुरू की गई है।

सामाजिक और ऐतिहासिक बहस भी तेज

इस फैसले के बाद पाकिस्तान में सामाजिक और धार्मिक बहस भी तेज हो गई है। एक ओर धार्मिक संगठनों का मानना है कि शराब इस्लाम के खिलाफ है और इस तरह के कदम से सामाजिक प्रभाव पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर कुछ विशेषज्ञों का तर्क है कि प्रतिबंध के बावजूद अवैध शराब का कारोबार और नशे की अन्य आदतें बढ़ीं। आंकड़े बताते हैं कि 1979 के बाद हेरोइन का उपयोग तेजी से बढ़ा, जिससे यह बहस और गहरी हो गई कि क्या प्रतिबंध वास्तव में प्रभावी रहा।

इतिहासकारों का यह भी कहना है कि दक्षिण एशिया में शराब का सेवन हजारों वर्षों से होता आया है। सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर मुगल काल तक इसके प्रमाण मिलते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केवल कानून बनाकर सामाजिक व्यवहार को पूरी तरह नियंत्रित करना आसान नहीं है।

नई आर्थिक रणनीति या जोखिम भरा कदम

पाकिस्तान का यह फैसला आर्थिक मजबूरी का परिणाम माना जा रहा है, लेकिन इसके सामाजिक और राजनीतिक प्रभावों पर नजर बनी हुई है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह नीति देश की अर्थव्यवस्था को राहत देने में सफल होती है या इससे नई चुनौतियां सामने आती हैं।

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई