
दक्षिण अमेरिका में परमाणु सुरक्षा और भू-राजनीतिक प्रभाव को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका ने वेनेजुएला में कई दशक से रखे गए 13.5 किलो हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को सुरक्षित तरीके से अपने देश पहुंचा लिया है। यह यूरेनियम कराकास के पास स्थित एक पुराने रिसर्च रिएक्टर में रखा गया था, जो करीब 34 साल पहले बंद हो चुका था। अमेरिका ने इस पूरे ऑपरेशन को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बताया है।
अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार यह ऑपरेशन अमेरिका, वेनेजुएला, ब्रिटेन और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सहयोग से पूरा किया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यूरेनियम को पहले विशेष सुरक्षा कंटेनरों में पैक किया गया, फिर जमीन के रास्ते बंदरगाह तक पहुंचाया गया और वहां से समुद्री मार्ग के जरिए अमेरिका लाया गया। अब इस परमाणु सामग्री को साउथ कैरोलाइना स्थित सवाना रिवर न्यूक्लियर साइट में प्रोसेस किया जाएगा।
छह हफ्तों में पूरा हुआ हाई सिक्योरिटी ऑपरेशन
अमेरिकी एजेंसी नेशनल न्यूक्लियर सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (NNSA) के मुताबिक यह मिशन छह हफ्तों से भी कम समय में पूरा कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यूरेनियम को लगभग 100 मील सड़क मार्ग से बंदरगाह तक पहुंचाया गया। इसके बाद ब्रिटेन की न्यूक्लियर ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशंस कंपनी के विशेष जहाज के जरिए इसे अमेरिका भेजा गया।
इस पूरे मिशन की निगरानी NNSA के डिप्टी एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. मैट नेपोली ने की। वे स्वयं वेनेजुएला पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि टीम के लंबे अनुभव और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के कारण यह संवेदनशील मिशन बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक पूरा हुआ। IAEA ने भी ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए इसे जटिल और अत्यंत संवेदनशील कार्रवाई बताया।
1991 से बंद पड़ा था RV-1 रिसर्च रिएक्टर
जिस परमाणु सामग्री को हटाया गया, वह वेनेजुएला के RV-1 रिसर्च रिएक्टर में रखी गई थी। यह रिएक्टर कई दशकों तक वैज्ञानिक और परमाणु अनुसंधान कार्यों में इस्तेमाल किया जाता रहा, लेकिन 1991 में इसे बंद कर दिया गया था। इसके बाद भी वहां हाईली एनरिच्ड यूरेनियम मौजूद रहा, जिसे लेकर लंबे समय से सुरक्षा चिंताएं बनी हुई थीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाईली एनरिच्ड यूरेनियम का इस्तेमाल यदि गलत हाथों में चला जाए तो परमाणु हथियारों या अन्य खतरनाक गतिविधियों में किया जा सकता है। इसी वजह से अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां दुनिया के अलग-अलग देशों से ऐसी सामग्री हटाने या सुरक्षित करने का अभियान चला रही हैं।
NNSA के आंकड़ों के अनुसार 1996 से अब तक दुनिया के कई देशों से 7,350 किलो से ज्यादा हाईली एनरिच्ड यूरेनियम और प्लूटोनियम को सुरक्षित किया जा चुका है।
ईरान को लेकर भी अमेरिका की चिंता जारी
इस ऑपरेशन के बाद एक बार फिर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका लंबे समय से ईरान के पास मौजूद हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को लेकर दबाव बना रहा है। माना जाता है कि ईरान के पास करीब 408 किलो ऐसा यूरेनियम मौजूद है। हालांकि अब तक अमेरिका या अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां उसे हटाने में सफल नहीं हो पाई हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि वेनेजुएला मिशन की सफलता को अमेरिका अपनी परमाणु सुरक्षा रणनीति की बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रहा है। इससे यह संदेश देने की कोशिश भी की जा रही है कि अमेरिका दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में परमाणु जोखिम कम करने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
वेनेजुएला में बढ़ता अमेरिकी प्रभाव
हाल के महीनों में अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों में तेजी से बदलाव देखने को मिला है। दोनों देशों के बीच लंबे समय तक तनावपूर्ण संबंध रहे, लेकिन अब कूटनीतिक संपर्क और आर्थिक सहयोग बढ़ता दिखाई दे रहा है। सात साल बाद दोनों देशों के बीच कमर्शियल फ्लाइट्स दोबारा शुरू हुई हैं और अमेरिकी दूतावास को भी फिर से खोला गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ समेत कई अमेरिकी अधिकारी हाल के समय में वेनेजुएला का दौरा कर चुके हैं। अमेरिका अब वेनेजुएला के ऊर्जा और खनन क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में शामिल है, इसलिए वहां की राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पर वैश्विक शक्तियों की नजर बनी रहती है।
हालांकि अमेरिकी नीति की आलोचना भी हो रही है। कुछ लोकतंत्र समर्थक समूहों और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका वेनेजुएला में रणनीतिक और आर्थिक हितों को प्राथमिकता दे रहा है। वहीं रूस और चीन जैसे देशों ने अमेरिका की बढ़ती भूमिका पर चिंता जताई है।
इस बीच वेनेजुएला से हाईली एनरिच्ड यूरेनियम हटाने का यह मिशन केवल परमाणु सुरक्षा तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे दक्षिण अमेरिका में बदलते शक्ति संतुलन और अमेरिकी प्रभाव के विस्तार के रूप में भी देखा जा रहा है।
Author: THE CG NEWS
TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें







