
राजधानी दिल्ली में शनिवार दोपहर सांसदों के लिए बने ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई। यह अपार्टमेंट बिषम्भरदास मार्ग स्थित है, जहां कई राज्यसभा सांसद और उनके स्टाफ रहते हैं। अचानक लगी इस आग से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, हालांकि कई लोगों को धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ हुई। मौके पर दमकल विभाग की करीब 10 गाड़ियां भेजी गईं, जिन्होंने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटना कैसे घटी
जानकारी के अनुसार, आग दोपहर लगभग 1 बजे ऊपर की मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में लगी थी। वहां से उठता हुआ काला धुआं कुछ ही मिनटों में इमारत की ऊपरी मंजिलों तक फैल गया। परिसर में मौजूद लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि दमकल विभाग को मौके तक पहुंचने में करीब 25 से 30 मिनट लग गए। इसी बीच निवासियों ने अपने स्तर पर पानी और आग बुझाने वाले यंत्रों की मदद से हालात संभालने की कोशिश की।
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फायर ब्रिगेड और पुलिस की कार्रवाई
दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही दस गाड़ियां भेजी गईं और लगभग दो घंटे के भीतर आग पर काबू पा लिया गया। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, लेकिन सटीक कारणों की जांच जारी है। पुलिस ने भी मौके का निरीक्षण किया और भवन की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि आग जिस फ्लैट में लगी, वह एक सांसद के स्टाफ को आवंटित था।
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निवासियों में आक्रोश और सवाल
ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट में रहने वाले कई लोगों ने शिकायत की कि इमारत में लगे फायर हाइड्रेंट सिस्टम काम नहीं कर रहे थे और पानी का प्रेशर भी काफी कम था। कुछ निवासियों ने कहा कि अगर दमकल दल समय पर पहुंच जाता तो नुकसान और कम हो सकता था। सोशल मीडिया पर भी कई सांसदों और कर्मचारियों ने पोस्ट साझा कर फायर ब्रिगेड की प्रतिक्रिया में देरी पर नाराजगी जताई।
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तकनीकी गड़बड़ी और भ्रम फैलाने वाले संदेश
घटना के बाद कई लोगों को “हाईकोर्ट से चालान या नोटिस” जैसे फर्जी मैसेज मिलने लगे, जिससे भ्रम की स्थिति बन गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये संदेश फर्जी हैं और किसी भी व्यक्ति को ऐसे मैसेज पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आग से संबंधित कोई भी आधिकारिक सूचना केवल पुलिस या दमकल विभाग द्वारा ही जारी की जाएगी।
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जांच के आदेश और सुरक्षा समीक्षा
दिल्ली प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। नगर निगम और दमकल विभाग से रिपोर्ट तलब की गई है कि क्या इमारत में फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट अद्यतन था और क्या उपकरण समय पर जांचे गए थे। अधिकारियों ने कहा कि राजधानी के सभी सरकारी और सांसद आवासों में अब फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।
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फिलहाल स्थिति नियंत्रण में, लेकिन सतर्कता बढ़ाई गई
दमकल विभाग ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और कूलिंग का काम जारी है। किसी के घायल या फंसे होने की पुष्टि नहीं हुई है। इमारत के प्रभावित हिस्से को फिलहाल खाली कराया गया है और बिजली की आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।
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निष्कर्ष
राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्रों में से एक में हुई यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। सांसदों के लिए बनाए गए इस आधुनिक आवासीय परिसर में फायर सेफ्टी सिस्टम की विफलता ने व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर किया है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद क्या केवल रिपोर्ट बनकर रह जाएगी या इस घटना के बाद वास्तव में सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाएगा।
Author: THE CG NEWS
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