वॉट्सएप के 3.5 अरब यूजर्स का डेटा खतरे में: बड़े सिक्योरिटी बग से प्रोफाइल पिक्चर, स्टेटस और फोन नंबर तक लीक होने का खतरा, रिसर्च में खुलासा

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दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला मैसेजिंग एप वॉट्सएप एक बड़ी सुरक्षा कमजोरी के कारण इन दिनों सवालों के घेरे में है। वियना यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने एक गंभीर बग का खुलासा किया है, जिसके कारण वॉट्सएप के 3.5 अरब से अधिक यूजर्स का डेटा खतरे में पड़ सकता है। रिसर्च के अनुसार, इस बग की वजह से किसी भी व्यक्ति का मोबाइल नंबर वॉट्सएप पर सक्रिय है या नहीं, यह पता लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, उनकी प्रोफाइल पिक्चर, स्टेटस, अबाउट सेक्शन और कई अन्य निजी जानकारियां भी आसानी से निकाली जा सकती हैं।

ये जानकारी साइबर ठगी और सोशल इंजीनियरिंग जैसे मामलों को और बढ़ा सकती है, क्योंकि यह डेटा बड़े पैमाने पर यूजर्स की पहचान और उनकी आदतों को ट्रैक करने में मदद करता है। रिसर्च में सामने आए तथ्य बताते हैं कि यह खामी सामान्य नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग सिस्टम के लिए गंभीर खतरा है।

रिसर्चर्स ने बताया—कैसे काम करती है यह खामी

रिसर्चर्स ने बताया कि यह समस्या वॉट्सएप के कॉन्टैक्ट डिस्कवरी फीचर में है, जिसे इस उद्देश्य से बनाया गया था कि यूजर अपने कॉन्टैक्ट्स को आसानी से खोज सके। लेकिन यही फीचर अनजाने में यूजर्स के डेटा की बड़े स्तर पर हार्वेस्टिंग का रास्ता खोल रहा है। इस फीचर की वजह से कोई भी व्यक्ति बिना सेव किए हुए नंबरों की जानकारी भी जुटा सकता है।

वियना यूनिवर्सिटी की टीम ने ‘लिबफोनजन’ नामक टूल का इस्तेमाल करके 245 देशों के वास्तविक और संभावित मोबाइल नंबर जनरेट किए। इसके बाद उन्होंने वॉट्सएप के XMPP प्रोटोकॉल का उपयोग करते हुए इन नंबरों पर क्वेरी भेजी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन सा नंबर वॉट्सएप पर सक्रिय है और उसके साथ कौन-सी सार्वजनिक जानकारी जुड़ी हुई है।

रिसर्च में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई—

•5 अकाउंट्स से 63 अरब संभावित नंबरों की जांच की गई।

•3.5 अरब सक्रिय अकाउंट्स सामने आए—यानी आधे घंटे में लाखों नंबरों की जानकारी जुटाई जा सकती है।

•56.7% यूजर्स की प्रोफाइल पिक्चर पब्लिक मिली।

•29.3% यूजर्स के अबाउट सेक्शन में निजी जानकारी थी—जैसे धर्म, राजनीतिक विचार और सोशल मीडिया लिंक।

भारत सबसे ज्यादा प्रभावित—74.9 करोड़ यूजर्स का डेटा खतरे में

रिसर्च में यह भी सामने आया कि 3.5 अरब संभावित प्रभावित अकाउंट्स में से सबसे ज्यादा यूजर्स भारत के हैं। आंकड़ों के अनुसार—

•भारत में 74.9 करोड़ यूजर्स (21.67%) इस खतरे की जद में हैं।

•इंडोनेशिया में 23.5 करोड़

•ब्राजील में 20.7 करोड़

•अमेरिका में 13.8 करोड़

•रूस में 13.3 करोड़ अकाउंट्स प्रभावित हो सकते हैं।

साथ ही, 81% डेटा एंड्रॉयड यूजर्स से और 19% डेटा iOS यूजर्स से जुड़ा पाया गया। 9% अकाउंट्स वॉट्सएप बिजनेस के थे, जिसमें अधिक जानकारी शेयर होती है। वेस्ट अफ्रीका जैसे क्षेत्रों में 80% से ज्यादा यूजर्स की प्रोफाइल पब्लिक पाई गई।

वॉट्सएप की सफाई—रिसर्च ने हमारी सुरक्षा और मजबूत की

इस पूरे मामले पर वॉट्सएप ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह रिसर्च उनके लिए एक उपयोगी चेतावनी साबित हुई है। वॉट्सएप के VP ऑफ इंजीनियरिंग नितिन गुप्ता ने कहा कि कंपनी ने इस अध्ययन के आधार पर अपने एंटी-स्क्रैपिंग मेजर्स को और मजबूत किया है। उन्होंने दावा किया कि अब तक किसी भी डेटा के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग के सबूत नहीं मिले हैं। कंपनी मेटा के साथ मिलकर सुरक्षा को और कड़ा करने पर काम कर रही है।

वॉट्सएप ने यह भी कहा कि प्लेटफॉर्म पर डेटा स्क्रैपिंग रोकने के लिए AI आधारित सुरक्षा दीवारें और नए निगरानी टूल्स विकसित किए जा रहे हैं।

एक्सपर्ट्स की सलाह—प्राइवेसी अब यूजर की भी जिम्मेदारी

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि डिजिटल प्राइवेसी अब सिर्फ कंपनियों की नहीं, बल्कि यूजर्स की भी जिम्मेदारी है। उनका सुझाव है—

•प्रोफाइल पिक्चर को ‘माय कॉन्टैक्ट्स’ या ‘नोबडी’ पर सेट करें।

•‘अबाउट’ सेक्शन में निजी जानकारी जैसे उम्र, धर्म या सोशल मीडिया लिंक न डालें।

•स्टेटस शेयरिंग को सीमित करें।

•बिजनेस यूजर्स वॉट्सएप बिजनेस API के सुरक्षित फीचर्स का इस्तेमाल करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ऐसे बग और भी कम होंगे, लेकिन डिजिटल दुनिया में पूरी सुरक्षा की गारंटी कोई नहीं दे सकता। इसलिए यूजर को भी अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत बनाए रखना चाहिए।

कुल मिलाकर, यह खुलासा दुनिया भर के वॉट्सएप यूजर्स के लिए बड़ा अलर्ट है। यह घटना बताती है कि दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले प्लेटफॉर्म भी जोखिम से मुक्त नहीं हैं, और यूजर्स को सतर्क रहना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।

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Author: THE CG NEWS

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