
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के छुईखदान क्षेत्र में प्रस्तावित श्री सीमेंट फैक्ट्री और संडी चूना पत्थर खदान को लेकर शनिवार को बड़ा जनआक्रोश देखने को मिला। 39 गांवों के करीब 10 हजार ग्रामीणों ने जंगल और उपजाऊ जमीन बचाने की मांग को लेकर सात घंटे तक उग्र प्रदर्शन किया। सुबह शांत तरीके से शुरू हुई रैली दोपहर तक प्रशासन और किसानों के बीच टकराव में बदल गई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस परियोजना के लिए जंगल काटे जा रहे हैं, उपजाऊ खेत छीने जा रहे हैं और लोगों के सामने बेरोज़गारी और विस्थापन का खतरा खड़ा हो गया है, लेकिन प्रशासन और सरकार इन गंभीर चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है।
जमीन–जंगल को लेकर असंतोष बढ़ा, हजारों लोग सड़क पर उतर आए
सुबह 11 बजे संडी–बुंदेली–दनिया क्षेत्र से हजारों ग्रामीण अपनी ट्रैक्टर रैलियों के साथ निकले। रैली उदयपुर होकर गोपालपुर चौक पहुंची, जो छुईखदान से कुछ ही दूरी पर है। पूरे रास्ते में “जनसुनवाई रद्द करो”, “जंगल बचाओ–खेती बचाओ”, “किसानों की जमीन नहीं छीनने देंगे” और “फैक्ट्री वापस लो” जैसे नारे लगातार गूंजते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि जिन इलाकों में फैक्ट्री और खदान का विस्तार प्रस्तावित है, वहां घने जंगल और तीन फसल देने वाली उपजाऊ भूमि मौजूद है। लोगों को डर है कि खदान और फैक्ट्री के कारण खेती बर्बाद होगी, पानी के स्रोत सूखेंगे और पर्यावरण पर भारी नुकसान पड़ेगा।
ग्रामीणों ने बताया कि कई जगह पेड़ों की कटाई की शुरुआत हो चुकी है और खेतों के अधिग्रहण को लेकर दबाव बढ़ाया जा रहा है। उनका कहना है कि यह परियोजना क्षेत्र की जैव विविधता, जल स्रोत और हजारों परिवारों की रोज़ी-रोटी के लिए खतरा बन सकती है।
पुलिस और किसानों के बीच कई बार तनाव, बैरिकेड टूटे, हाईवे जाम
रैली को रोकने के लिए छुईखदान पुलिस ने सुबह से ही कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए थे। लेकिन भीड़ इतनी बड़ी थी कि बैरिकेड हटाने पड़े, जिसके दौरान कई जगह किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। इस बीच माहौल कई बार बिगड़ता दिखा और पुलिस तथा ग्रामीणों के बीच खींचातानी तेज होती रही। दोपहर तक स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद प्रशासन ने नियंत्रण खोते हालात को संभालने के लिए लाठीचार्ज किया।
टकराव के बीच कुछ उपद्रवी युवकों ने स्टेट हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, बैरिकेड को तोड़कर सड़क पर फेंक दिया और आंदोलन को उग्र रूप दिया। हालांकि स्थानीय ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर एक एंबुलेंस को सुरक्षित निकलवाया, जिसे कुछ प्रदर्शनकारी रोकने की कोशिश कर रहे थे। शाम 6 बजे तक आंदोलन जारी रहा और मुख्य मार्ग घंटों जाम रहा।
किसान नेताओं के आरोप: “जंगल काटे जा रहे, जमीन छीनी जा रही, किसान बेघर हो जाएंगे”
तहसील कार्यालय पर किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता सुरेश टीकम ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जहां तीन फसलें उगती हैं, वहां फैक्ट्री लगाने का कोई तर्क नहीं है। उनका आरोप था कि यह फैसला किसानों को तबाह कर देगा और सरकार 200 लोगों को नौकरी दिलाने के लिए हजारों किसानों की जमीन और भविष्य की बलि दे रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को गलत जानकारी देकर परियोजना आगे बढ़ाई जा रही है, जबकि पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों पर ग्रामीणों की बात सुनी ही नहीं गई।
जनपद सभापति सुधीर गोलछा ने भी कहा कि कंपनी परियोजना के संभावित विस्थापितों को कोई ठोस सुरक्षा योजना या मुआवज़ा मॉडल नहीं दे रही है। पूर्व विधायक गिरवर जंघेल ने आरोप लगाया कि ग्रामीण शांतिपूर्वक कलेक्टर को बुलाने की मांग कर रहे थे, लेकिन कलेक्टर के मौके पर न आने से स्थिति और खराब हुई।
कलेक्टर के नहीं आने से भीड़ में नाराज़गी भड़की, प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल
दोपहर 12 बजे किसान एसडीएम कार्यालय पहुंचे और जनसुनवाई रद्द करने की मांग रखी। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि कलेक्टर मौके पर आकर स्थिति स्पष्ट करें। लेकिन पांच घंटे इंतजार के बावजूद कलेक्टर नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी बात सुनने से बच रहा है और कंपनियों को प्राथमिकता दी जा रही है। कलेक्टर के नहीं आने से भीड़ में गुस्सा और बढ़ा और पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस परियोजना से आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक नुकसान का खतरा है, लेकिन सरकार और प्रशासन ने अब तक इन चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया है।
निष्कर्ष: फैक्ट्री का विरोध और तेज होने के संकेत
आज का बड़ा आंदोलन संकेत देता है कि छुईखदान क्षेत्र में विवाद और गहराएगा। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि वे जंगल, जमीन और अपनी खेती–किसानी को खतरे में नहीं पड़ने देंगे। प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार है, लेकिन फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और ग्रामीण अपनी मांग पर अडिग हैं—जनसुनवाई रद्द करो, फैक्ट्री वापस लो।
Author: THE CG NEWS
TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें







