अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ा सैन्य टकराव, नूर खान एयरबेस पर हमले का दावा; इस्लामाबाद ने सैकड़ों तालिबान लड़ाके मारने की बात कही

SHARE:

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर बीते कुछ दिनों से तनाव तेजी से बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच हवाई हमलों, गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई के दावों ने हालात को युद्ध जैसे स्तर तक पहुंचा दिया है। तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित संवेदनशील नूर खान एयरबेस को निशाना बनाया है। वहीं पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में सैकड़ों अफगान लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया है। दोनों पक्षों के दावों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उभर आई हैं।

नूर खान एयरबेस और अन्य सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा

तालिबान प्रशासन के एक वरिष्ठ मंत्री ने बयान जारी कर कहा कि उनके लड़ाकों ने डूरंड लाइन पार कर पाकिस्तान की सीमा के भीतर कार्रवाई की है। तालिबान के मुताबिक, रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस के अलावा बलूचिस्तान के क्वेटा में 12वीं कोर मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मद क्षेत्र के एक सैन्य कैंप को भी निशाना बनाया गया। तालिबान का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के काबुल, बगराम और अन्य सीमावर्ती इलाकों में किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई है। अफगान रक्षा मंत्रालय ने पहले ही चेतावनी दी थी कि देश की संप्रभुता का उल्लंघन होने पर उचित समय पर कड़ा जवाब दिया जाएगा।

दूसरी ओर पाकिस्तान ने इन दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया करार देते हुए कहा है कि उसकी सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार से की गई गोलीबारी और हमलों के बाद सुरक्षा बलों ने निर्णायक कार्रवाई की।

पाकिस्तान का ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ और बड़े दावे

पाकिस्तान सरकार ने अफगानिस्तान में की गई सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ नाम दिया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ता उल्लाह तारर के अनुसार इस अभियान में अब तक 415 तालिबान लड़ाके मारे गए हैं, 580 से अधिक घायल हुए हैं और 182 चौकियों को नष्ट कर दिया गया है। पाकिस्तान का दावा है कि 31 चौकियों पर कब्जा भी कर लिया गया है और 185 टैंक तथा सैन्य वाहन तबाह किए गए हैं। पाकिस्तानी वायुसेना ने नंगरहार और कंधार में तालिबान के सैन्य मुख्यालयों को निशाना बनाने की बात कही है।

हालांकि तालिबान ने पाकिस्तान के इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसके केवल 8 से 13 लड़ाके ही मारे गए हैं और कुछ घायल हुए हैं। तालिबान का यह भी दावा है कि जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दो सैन्य मुख्यालयों समेत कई चौकियों पर कब्जा किया गया है। दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि और डूरंड लाइन विवाद

इस ताजा टकराव की शुरुआत 22 फरवरी को हुई, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में हवाई हमले किए। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि इन हमलों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी मीडिया में यह संख्या बढ़ाकर 80 तक बताई गई। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि TTP अफगानिस्तान की जमीन से संचालित हो रहा है और तालिबान सरकार उस पर कार्रवाई नहीं कर रही। वहीं तालिबान इन आरोपों से इनकार करता रहा है।

डूरंड लाइन को लेकर दोनों देशों के बीच दशकों पुराना विवाद है। अफगानिस्तान इस सीमा को आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं करता, जबकि पाकिस्तान इसे अंतरराष्ट्रीय सीमा मानता है। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से सीमा पर झड़पों और तनाव की घटनाएं बढ़ी हैं।

पाकिस्तान की संसद में निंदा प्रस्ताव, क्षेत्रीय चिंता बढ़ी

पाकिस्तान की सीनेट ने अफगानिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि किसी भी उकसावे का कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सेना मुख्यालय का दौरा कर सुरक्षा बलों की कार्रवाई की सराहना की और जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई। उन्होंने देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात इसी तरह बिगड़ते रहे तो क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और सीमा पर तनाव कम होने के कोई स्पष्ट संकेत नजर नहीं आ रहे।

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई