छत्तीसगढ़ विधानसभा में उठे पर्यावरण और पेंशन के मुद्दे: 665 खतरनाक उद्योगों का खुलासा, OPS पर बहस तेज

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छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन प्रश्नकाल के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें पर्यावरण, उद्योग, पेंशन और स्वास्थ्य से जुड़े सवालों ने सदन का ध्यान खींचा। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने राज्य में खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले उद्योगों का मुद्दा उठाया, जिस पर सरकार ने विस्तृत जानकारी दी।

665 खतरनाक अपशिष्ट उद्योगों का खुलासा

सदन में जवाब देते हुए मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि प्रदेश में कुल 665 औद्योगिक इकाइयां ऐसी हैं, जो खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करती हैं। उन्होंने कहा कि इन उद्योगों पर निगरानी के लिए 19 इकाइयों में ऑनलाइन एमीशन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है। यह सिस्टम उद्योगों के अपने खर्च पर स्थापित किया गया है और इसके जरिए प्रदूषण स्तर की लगातार निगरानी की जाती है।

इस मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली। विपक्ष ने सवाल उठाया कि इतने बड़े स्तर पर प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर नियंत्रण के लिए और कड़े कदम उठाने की जरूरत है।

छातिम वृक्ष पर रोक नहीं, सरकार का स्पष्ट रुख

सदन में सुनील सोनी ने छातिम (सप्तपर्णी) वृक्ष के दुष्प्रभावों को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या इस पेड़ के रोपण पर रोक लगाने या इसे हटाने की कोई योजना है। इस पर मंत्री ओपी चौधरी ने साफ किया कि फिलहाल राज्य सरकार ने इस वृक्ष के रोपण पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है और न ही इसे हटाने की कोई कार्ययोजना बनाई गई है।

हालांकि, छातिम वृक्ष को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इसके फूलों से निकलने वाले परागकण और तेज गंध कई लोगों में एलर्जी, अस्थमा और सांस संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इसके बावजूद इसका औषधीय महत्व भी है, जिसके कारण इसे पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया गया है।

OPS बनाम NPS पर फिर गरमाया मुद्दा

विधानसभा में पेंशन व्यवस्था को लेकर भी बहस हुई। भाजपा विधायक पुन्नूलाल मोहले ने सवाल उठाया कि प्रदेश में कितने कर्मचारियों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) छोड़कर ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को चुना है।

इस पर मंत्री ने जवाब देते हुए बताया कि राज्य में कुल 2,91,797 अधिकारी और कर्मचारियों ने OPS का विकल्प चुना है। उन्होंने कहा कि पेंशन व्यवस्था निर्धारित नियमों के तहत संचालित की जा रही है और इसमें पारदर्शिता बनाए रखी गई है। इस मुद्दे पर भी पक्ष और विपक्ष के बीच बहस देखने को मिली, जहां विपक्ष ने कर्मचारियों के हितों को लेकर सवाल उठाए।

प्रश्नकाल में कई मुद्दों पर चर्चा, सदन में हल्की नोकझोंक

प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न जनहित से जुड़े मुद्दों पर सवाल-जवाब हुए। हालांकि, कुछ मौकों पर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी हुई, लेकिन स्थिति को नियंत्रित कर कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया। बजट सत्र के अंतिम दिन होने के कारण कई अहम मुद्दों को उठाने की कोशिश की गई, जिससे सदन का माहौल सक्रिय बना रहा।

पर्यावरण और स्वास्थ्य पर बढ़ती चिंता

खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले उद्योगों की संख्या सामने आने के बाद पर्यावरण और स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उद्योगों की नियमित निगरानी और सख्त नियमों का पालन बेहद जरूरी है, ताकि प्रदूषण के खतरे को कम किया जा सके।

इसी तरह छातिम वृक्ष को लेकर भी दोहरी स्थिति सामने आई है, जहां एक ओर इसके स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव हैं, वहीं दूसरी ओर इसके औषधीय गुण भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में संतुलित नीति अपनाने की जरूरत है।

अंतिम दिन भी गर्म रहा सत्र का माहौल

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का अंतिम दिन भी राजनीतिक और नीतिगत मुद्दों से भरपूर रहा। पर्यावरण, पेंशन और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर हुई चर्चा ने यह साफ कर दिया कि आने वाले समय में इन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच बहस जारी रहने वाली है।

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Author: THE CG NEWS

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